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क्या दुरदर्सन का निसान दखते समय इस में कोई कमी या खालीपन नजर नहीं अता

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कुछ मुदे जनहित के
क्या दुरदर्सन का निसान दखते समय इस में कोई कमी या खालीपन नजर नहीं अता क्या आप लोगो को यह दुरदर्सन का निसान दखते समय इस में कोई कमी या खालीपन नजर नहीं अता क्या यह निसान अब अधुरा सा नहीं लगता आप लोगो को दोस्तों ध्यान से दखो इस निसान को जो हमारे देस मे ही नही अपितू देस विदेशों मे भी हमारी संस्कृती का अहसास तो करवाता ही था साथ ही हमारी धार्मिक परम्पराओ का आभास भी करवाते हुवे एक आदर्स विचारो को भी पर्कट करते हुवे परतीत होता था मगर अब गन्दी राजनीती की आड मे और वोट बैंक के चकर में अब इसे मात्र एक चैनल को दर्शाने वाला चिन ही बना कर छोड़ दिया गया हे
मित्रो इतना सब कुछ पड़ने के बाद आप लोग समझ गये होगे की में किस बारे मे बात कर रहा हु अगर नहीं समझे तो में बता रहा हु की हमारे इस दुरदर्सन के निसान के निचे (सत्यम शिवंम सुन्दरम) लिखा हुवा आता था जो हमारे इस भारतीय टीवी चेनल की पहचान तो थी ही साथ ही यह हमारी भारतीय सस्कर्ति का पार्तिक चिन्ह भी था साथ ही यह सत्यम शिवंम सुन्दरम की बात के साथ सत्य से अवगत करवाते हुवे हम सभी दर्सको को इस सचाई से भी अवगत करवाता था की सच्चाइ हमेसा सिव के समान सुन्दर हे और सच्चाइ से बड कर कुछ नही हे मगर हमे लगता हे की हमारी सरकार को इस में भी धार्मिक राजनीती नजर आ गई और इस हमारे देस की संस्कर्ती और सच्चाई से अवगत करवाने वाले इन सब्दो को इस निसान से अलग कर दिया गया इस सब्दो में हमारी सरकार को सायद हिन्दूतव की बू आगई लगता हे और इसे धार्मिकता की चादर पहनते हुवे मुस्लिम वोट बैंक नजर अगया सायद और उन की धार्मिक भावनाओ को इस के साथ जोड़ कर अपने मुस्लिम वोट बैंक को अपनी और आकर्सित करने के लिए इन सच्चाई को पर्दरसित करने वाले व हमारे देस की संस्कार्तिक भावनाओ को देस विदेस मे परचार करने वाले इन सब्दो को इस निसान के साथ से हटा दिया गया हें
हम पूछते हे सभी धर्मो के लोगो को भी क्या आप लोगो को भी यह सब्द धर्म से जुड़े हुवे परतीत होते थे क्या यह सब्द किसी जाती या धर्म के परती अकर्षित करते परतीत होते थे क्या यह सब्द कीसी धर्म के विरुद्ध लगते थे नहीं यह हमारे देस की सस्कर्तिक भावनाओ के साथ साथ सच्चाई को दर्शाते थे मगर लगता हे की यह हमारी सरकार को नागवार इस लिए गुजर रहे थे कयोकि यह सभी धर्मो के लोगो को तो पसंद थे ही साथ ही हमारी धार्मिक अनेकता में एकता को भी पर्दरसित करते थे और जो आज की वोट बैंक राजनीती में आड़े आते थे तो इन सब्दो को केसे रहने दिया जा सकता था मेरा हर धर्म के लोगो से कहना हे की इस धर्म की राजनीती को समझे और एक जुट होकर पर्यास करे ताकि यह सब्द अपनी पुरानी जगह वापिस ले ले नही तो अब के बारी (सत्य मेओ जयते) की हे जो की हमारी संसद मे कुछ सांसदों ने कुछ दिन पहले ही अपनी हरकतों से दरर्शा दिया हे
आप लोगो को क्या लगता हे इस बारे में अपनी राय से हमें जरुर अवगत करवाये
परदेस अधियक्स
जय भगवान सिंह कादयान
जननायक चोधरी देवीलाल ग्राम सुधार सगठन
हिसार हरियाणा

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