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सरकारी स्कुलो मे मिड डे मिल और आयरन की गोलिया कहा तक सार्थक

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कुछ मुदे जनहित के
सरकारी स्कुलो मे मिड डे मिल और आयरन की गोलिया कहा तक सार्थक परदेस के सभी सरकारी सकूलो मे सरकार दवारा सकुली बच्चो को पोसटिक खुराक देने और उन मे पायी जाने सर्रिरिक कमियों को दूर करने के नाम पर पोस्टीकता के नाम पर मिड डे मिल और आयरन की गोलिया दी जा रही हे और आयदिन सरकार की चलाई हुइ यह दोनों सकीमे विवादों का कारन बनी रहती हे कभी मिड डे मिल मे छिब्कलि कभी कंकर पत्थर तो कभी सडा हुवा गन्दा अनाज या कीड़े मिलने की खबरे तो रोज्मरा की हे ही तो साथ ही इन का मीनू भी विवादित बनाहुवा हे और अगर सभी सकूलो खासकर गरामींन सकूलो का सर्वे किया जाय तो इस मिड डे मिल के मीनू पर हर रोज बच्चो को भोजन करवाना ना ही तो संभव हे और नाही एसा हो पा रहा हे साथ ही खाना बनाने वाली कुको को समय पर तनखा नहीं पहुचती तो कभी समय पर रासन जिस के कारन विवाद बना रहता हे साथ ही इन्हे लकडियो पर खाना बनाना पड़ता हे और केई बार लकडिया ही समस्या बन कर खड़ी हो जाती हे अर्थात मिड डे मिल समस्याओ का नाम बन कर उभर ही रहा था तो साथ मे नहले पर दहला मारते हुवे सवास्थ्य विभाग कमी को पूरी करने पहुच गया इन सकूलो मे आयरन की गोलिया लेकर इन सकूलो के बच्चो की खून की कमी को दूर करने और इन के द्वारा दी गई इन गोलियों ने तुरंत अपना रिजल्ट दिखाया और उन के खून व अन्य कमियों को पूरा करने के लिये हस्पताल पहुचा दिया जिस की हर रोज खबरे मिल रही हे की यह गोलिया खाते ही बच्चो की तबियत ख़राब हो जाती हे और बच्चो को उलटिया पेट व सीर दर्द व चकर आना जेसी सिकायत तो आही रही हे साथ ही इन्हे तुरन्त नजदीक के हस्पताल मे भी भर्ती करवाना पड़ रहा हे विभागों को इस से कोई फर्क नहीं पड़ रहा हे व बच्चो की जानको जोखिम मे डाल कर इन गोलियों को धडाधड बाँटने के आदेस दिये जा रहे हे इस बारे में सकूलो को विभाग के सख्त आदेस बताये जाते हे की उन्हें यह गोलिया बाटनी ही पड़ेगी जबकी इस बारे मे सरकारी डा० का कहना हे की खाली पेट दवाई लेने से एशिडीटी की सिकायत हो जाती हे तो पहला सवाल तो यह उठता हे की आप का वो मिड डे मिल कहा गया जो इन बच्चो ने भूखे पैट दवाई ली और दूसरा और अहम् सवाल यह उठता हे की सरकारी हस्पतालो के डा० के कहे अनुसार यह गोलिया खाने से बच्चो पर बुरा परभाव ही नहीं पड़ता तो क्या यह सरकारी हस्पतालो मे दाखिल बच्चे क्या वहा पिकनिक मना रहे हे और इन गोलिया खाने से बीमार हुवे कई बच्चो की तबियत जयादा बिगड़ी बताई जा रही हे तो ऐसा क्यों हे मे सरकार से इस बारे मे अनुरोध करता हु इन बच्चो की मासुम्यत और जिन्दगी से जुड़े मसले की और देखते हुवे इस मामले की और धयान दे और इस सारे मामले की ऊच सात्रिय जाँच के आदेस तो पारित करे ही साथ ही तुरन्त इन दवाओ के सेम्पलो को लाबोरटी मे भेज कर इन का परिक्सन करवाय और अगर इन दवाइयों मे अगर कोई गड़बड़ी हे तो इस दवा कम्पनी पर सख्त कार्यवाही की जाय
अधियक्स
जय भगवान सिंह कादयान
जननायक चोधरी देवीलाल ग्राम सुधार सगठन
हिसार हरियाणा

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